Top 50 + Gulzar Shayari in hindi, Gulzar Shayari Quotes । गुलजार की शायरी

Gulzar Shayari in hindi - गुलजार का जन्‍म भारत के झेलम जिला पंजाब के दीना गांव ( जो अब पाकिस्‍तान में है ) में 18 अगस्‍त 1936 को हुआ था। गुलजार अपनी दूसरी पत्‍नी की इकलौती संंतान है। उनकी माता का देहांत उनके बचपन में ही हो गया था। बंटवारे के बाद गुलजार साहब का परिवार अमृतसर आकर बस गया था। वहां से ये मुंबई चले गये थेे। वहांं ये एक गैराज मेें मकेनिक का काम करने लगे और खाली समय में कविताएं लिखने लगे। वहीं से इनकी जिंदगी में सिनेमा जगत की शरूआत हुुुुई थी ।

दोस्‍तों इस पोस्‍ट में मैने कुछ महशूूूर Gulzar Ki Shayari दी है । उम्‍मीद करता हूं कि ये Gulzar shayari आपको जरूर पसंद आयेगी ।


Top 50 + Gulzar Shayari in hindi, Gulzar Shayari Quotes । गुलजार की शायरी
Gulzar Shayari in hindi

 

Top 50 + Gulzar Shayari in hindi, Gulzar Shayari Quotes । गुलजार की शायरी 


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हम जिन लोगों को आसानी से मिल जाते है

फिर वही लोंग हमें सस्‍ता समझने लगते है ।।


 ज्‍यादा लोग होते है ज्‍यादा तमाशा होता है

कम लोगो में इंसान अच्‍छा खासा होता है ।।


यकीन मानों अगर सामने वाले के दिल में महोब्‍बत होगी तो

वह खुद व खुद कबूल कर लेगा वो, बस आप इतना करना कि

आप जो भी उसके लिए महसूस करते हो, उसके विपरीत बोलने की कोशिश करना ।।

 

 मुस्‍कुराटे झूठी भी हो सकती है

इंसान को देखना नही समझना सिखो ।।

 

देखकर उसको यूं तेरा पलट जाना

नफरत बता रही हे तूने महोब्‍बत गजब की थी ।।

 

प्‍यार का पौधा लगाने से पहले जमीन परख लेना

हर मिटटी की परख में वफा नही होती ।।

 

इल्‍जाम तो कांटो पर ही आयेगा

ये सोच कर तो कई बार फूल भी जख्‍म दे जाते है ।।

 

ओंस की बूंद सा है ये जिंदगी का सफर

कभी फूल में तो कभी धूल में ।।

 

बड़ा गजब किरदार है महोब्‍बत का

अधूरी हो सकती है मगर खत्‍म नही ।।

 

ठंडी रोटियां अक्‍सर उन्‍ही के हिस्‍से में आती है

जो अपनो के लिए कमा कर अक्‍सर देर से घर आते है ।।


इन्‍हें भी पढ़े - गुलजार साहब की महशूर शायरी हिन्‍दी में


Best Gulzar Shayari On Khamoshi


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कभी भी किसी से इतनी उम्‍मीद मत रखना

कि उम्‍मीदों के साथ खुद भी टूट जाओ ।।

 

देना ही है तो जहर दे दो

मगर किसी को झूठी उम्‍मीद मत दो ।।

 

अगर कोई तुम्‍हें रूलाए तो यह सोच कर सब्र कर लेना

कि जिंदगी के किसी मोड पर वो तुमसे ज्‍यादा रोयेगा ।।

 

कोई सुलह करा दे जिंदगी की मुश्‍किलों से

बड़ी तलब लगी हे आज मुस्‍कुराने के लिए ।।

 

वक्‍त आने पर करा देगे हदों का एहसास

कुछ तालाब खुद को समन्‍दर समझ बैठै है ।।

 

दुरियों से ही एहसास होता है

कि नजदीकिया कितनी खास होती है ।

 

सिर्फ एक वजह से टूट जाता है

जब वो एक दुसरे पर शक करने लगते है ।।

 

देखना है अब क्‍या मुकाम आता है

सूखे पत्‍ते को इश्‍क हुआ है हवा से ।।

 

बड़ा शौक था उसे मेरा आशियाना देखने का

जब देखी मेरी गरीबी तो उसने भी रास्‍ता बदल लिया ।।

  

हम तुम्‍हें मुफत में जो मिले है

कदर ना करना हक हे तुम्‍हारा ।।


Best Gulzar Shayari on life in hindi

 

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जाने कितनी रातो की नीदें ले गया वो

जो पल भर महोब्‍बत जताने आया था ।।

 

सुनों, तुम ही रख लो अपना बना कर

औरों ने तो छोड दिया तुम्‍हारा समझकर ।।

 

किसी की याद अगर न चाहते हुए भी हर वक्‍त सताए

तो इसका मतलब ही कि उसके दिल में तुम्‍हारे लिए

अब भी जगह है ।।

 

उस शख्‍स में कुछ बात ही ऐसी थी

दिल नही देते तो जान चली जाती ।।

 

मोहब्‍बत है तो सरेआम कबूल करो

बंद कमरे में जो होता है उसे हबस कहते है ।।

 

 

जो तुम्‍हें छोडकर गया वह तुम्‍हें पाने के लिए पागल हो जायेगा

बस उससे किसी तरह ये क‍ह देना कि मैं तुम्‍हें भुलाकर अपनी

जिन्‍दगी में बहुत खुश हूं ।।

 

मिलने को तो दुनिया में कई चहरे मिले

पर तुम सी महोब्‍बत हम खुद से भी न कर पाये ।।

 

इश्‍क ने कब ली है इजाजत आशिकों से

वो तो बस होता है और होकर ही रहता है ।।

 

हकीकत में खामोशी कभी चुप नही रहती

बहुत किस्‍से सुनाती है, कभी तुम गौर से सुनना ।।

 

मैं तुझपे अपनी जान तक लुटा दूं

तू मुझसे मुझ जैसी महोब्‍बत तो कर ।।

 

तुम्‍हे चाहने की वजह कुछ भी नही

बस इसकी फितरत हे वे वजह होना ।।


इन्‍हेंं भी पढ़े - Latest Gulzar Shayari in hindi


Gulzar Shayari Love in hindi

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मोहब्‍बत का काेेई रंग नही, फिर भी वो रंगीन है

प्‍यार का काई चेहरा नही, फिर भी वो हसीन है ।।

 

आ जाते हे वो भी रोज ख्‍यावों में

जो कहते हे हम तो कही आते-जाते नहीं ।।

 

पता नही कब जायेगी तेरी लापरवाही की आदत

कुछ तो सभाल कर रखती, और तुमने तो मुझे खो दिया ।।

 

सुनो एक बार और महोब्‍बत करनी हे तुमसे

लेकिन इस बार बेबफाई हम करेंगे ।।

 

रूकता भी नही ठीक से चलता भी नही

यह दिल है के तेरे बाद ठीक से संभलता भी नही ।।

 

पहले जमीं बटी फिर घर भी बंट गया

इंसान अपने आप में कितना सिमट गया ।।

 

कितने मजबूर है हम तकदीर के हाथों

न तुम्‍हें पाने की औकात रखते है, और न तुम्‍हें खोने का हौसला ।।

 

एहसान जताना जाने कहा से सिख लिया

महोब्‍बत जताते तो कुछ और बात थी ।।

 

तूने मेरा आज देख के मुझे ठुकराया है

हमने तो तेरा कल देखके तुझसे महोब्‍बत की थी ।।

 

शराब गम भुला देती है ऐसा किसने कहा

मैने कई लोगो को नशे में रोते देखा है ।।


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पहला प्‍यार बचपन की उस चोट की तरह होता है

जिसका निशान हमेशा के लिए रह जाता है ।।

 

जिस इंसान के बिना हम एक पल नही रह सकते

अक्‍सर वही इंसान हमें अकेला रहना सिखा देते है ।।

 

जिन लोंगों की राते आसानी से नही कटती

सोचो उनकी जिन्‍दगी कितनी मुश्‍किल से कटती होगी ।।

 

किसी रिश्‍ते में इतना भी ना डूब जाना

कि उठने के लिए किसी और का सहारा लेना पडें ।।


सामने वाला अपनी जगह पर बिल्‍कुल सही होता है

बस हम ही जरूरत से ज्‍यादा उम्‍मीद कर बैठते है ।।

 

वक्‍त बताने बाले तो बहुत मिल जाते

मगर वक्‍त पर काम आने वाले बहुत कम मिलते है ।।

 

लोग इंतजार करते हुए रह गये कि हमें टूटा हुआ देखे

और हम थे कि सहते सहते पत्‍थर बन गए ।।

 

हम जिसके हो गए वो हमारा ना हो सका

हिसाब बराबर यूं भी हुआ कभी कभी ।।

 

सालो बाद मिले तो गले लगा कर रोने लगे

जाते वक्‍त जिन्‍होंने कहा था तुम्‍हारे जैसे हजारो मिलेगे ।।

 

किताबों में पढ़ा था इंसान पहले जानवर था

अखबार में पढा है इंसान आज भी जानवर है ।।

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हैलो दोस्‍तो, आशा करता हूं कि ये gulzar shayari in hindi आपको जरूर पसंद आई होगी । अगर आपको ये gulzar ki shayari पसंद आई हो तो हमें कमेंट बाॅॅॅॅक्‍स में जरूर बताना । और इन  shayari काेे अपने दोस्‍तो के साथ शेयर करना न भूलना ।। 

 

 

 

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