U.P. TGT, PGT (Art) कला की तैयारी कैसे करें

 

U.P. TGT, PGT (Art) कला की तैयारी कैसे करें

U.P. TGT, PGT (Art) कला की तैयारी कैसे करें - टीजीटी पीजीटी कला की तैयारी कैसे करनी चाहिए। इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे कैसे इसकी शुरुआत करे। दोस्तों टीजीटी (Trained graduate teacher) PGT (Post graduate teacher) पद के लिए तैयारी करेंगे। यह एक रिस्पेक्टेड गवर्नमेंट नौकरी होती है। आइए दोस्तों हम कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

एग्जाम  शेड्यूल

सबसे पहले और महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारा टॉपिक क्या है। हमारा सिलेबस क्या है। हमें पढ़ना कैसे हैं हमें अपने एग्जाम की तैयारी की शुरुआत कैसे करनी चाहिए। और हमारा शेड्यूल क्या है। साथ ही ध्यान देने वाली बात यह है कि हम किस तरह से पढ़ रहे हैं। और हमें क्या क्या पढ़ना चाहिए। और क्या नहीं पढ़ना चाहिए। तो आइए दोस्तों हम सब इन्हीं बातों पर आगे डिस्कस करते हैं।

किताबों का चयन

दूसरा दोस्त हम अपने किताबों और नोट्स पर चर्चा करते हैं। क्या दोस्तों आपको आप का सिलेबस पता है कि हमे कौन-कौन सी किताबे पढ़नी चाहिए और कौन सी नही पढ़नी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात है किताबों का अध्ययन किताबों का चयन कैसे करनी चाहिए। कौन-कौन से राइटर्स के बुक्स पढ़नी चाहिए।

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 अगर किताबों को हम विस्तार रूप से पढ़ते हैं और पढ़ने के बाद जो समझते हैं उसे तुरंत ही हमें एक कॉपी में नोट कर लेना चाहिए। किताबों का संपूर्ण अध्ययन ही आपको सफलता की सीढ़ी तक पहुंचाएगा।

पढ़ाई में रुचि 

तीसरा दोस्तों (रुचि) अगर आप अपन किताबों को बोझ समझकर  पड़ेंगे तो वह आपको बोरिंग लगेगी। तो दोस्तों आपको अपना सिलेबस पूरे ही मन से रुचि से पढ़ना होगा। ताकि आपको अपना सिलेबस बोरिंग ना लगे। और पढ़ने में मनोरंजन लगे ऐसे पढ़ने के लिए आपको पूरे मन से यह मानकर पढ़ना चाहिए। कि हमें अपना सिलेबस पूरी तरह से पढ़कर एग्जाम पास करना है। और आगे बढ़ना है।

नोट्स बनाना

क्या आपको यह पता है की पढ़ते समय शॉर्ट नोटस कैसे तैयार करें। जोकि एग्जाम टाइम हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होंगे। हम आपको यह बताएंगे की शार्ट नोट्स कैसे तैयार करें मान लीजिए हमारी किताब का एक अध्याय है। उस अध्याय में एक टॉपिक है जैसे कि अवनींद्र नाथ टैगोर। अब अवनींद्र नाथ टैगोर के बारे में पूरा विस्तार से अध्ययन करेंगे। और उनके जो महत्वपूर्ण पॉइंट्स है उनको हम एक कॉपी में नोट कर लेंगे। जो भी मेन मेन पॉइंट है वह सभी हम कॉपी में एक शॉर्ट नोटस तैयार कर लेंगे। इस नोट से हमें एग्जाम के अंतिम समय में रिवीजन करने का बहुत ही आसान तरीका लगेगा। और बहुत ही शीघ्र ही याद हो जाता है।

सिलेबस

वैसे तो सभी एग्जाम्स के स्लेबस अलग-अलग होते हैं। लेकिन दोस्तो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण वाली बात यह है कि क्या हमको अपना टीजीटी पीजीटी का पाठ्यक्रम की जानकारी विस्तार पूर्वक पता है या नहीं। इस विषय में हम चर्चा करते हैं। दोस्तो जैसा की KVS, NVS और DSSSB के सिलेबस में और टीजीटी, पीजीटी के सिलेबस में थोड़ा अंतर होता है। आपकी जानकारी के लिए हम यह बता दे की टीजीटी पीजीटी के सिलेबस में सिर्फ उसके विषय से रिलेटेड ही क्वेश्चन आंसर पूछे जाते हैं और बाहर से कुछ भी नहीं आता। और दोस्तों सबसे अधिक खुशी की बात तो यह है कि टीजीटी, पीजीटी के एग्जाम में माइनस मार्किंग नहीं होती पूरा संपूर्ण अंक मिलता है।

आपको अपने पाठ्यक्रम का संपूर्ण अध्ययन करना होगा। जैसे प्राचीन कला का इतिहास, मध्यकाल की कला, आधुनिक कला, पाश्चात्य कला और समकालीन कलाकारों के बारे में पूर्ण अध्ययन करना होता है। तभी आप अपना एक्जाम अच्छे नंबरों से पास कर पाते हैं।

पुराने question paper 

यह तो सभी जानते हैं कि हमारे पाठ्यक्रम के पिछले 5 सालों के क्वेश्चन पेपर कितने महत्वपूर्ण होते हैं। इससे हमें यह पता चलता है कि कौन कौन से क्वेश्चंस कितनी बार आया है। और किस तरह के क्वेश्चन आते हैं। इन पुराने क्वेश्चन पेपर से हमें बहुत ही अनुमान लग जाता है कि हमारे होने वाले एग्जाम में कैसे तैयारी करनी चाहिए। और क्या क्या पढ़ना चाहिए। यह क्वेश्चन पेपर पढ़ने के साथ-साथ सॉल्व भी करना चाहिए। सॉल्व करने से हमें बहुत अच्छे से और बहुत ही जल्दी याद हो जाता है।

एक्जाम पैटर्न

यूपी टीजीटी पीजीटी का एग्जाम पैटर्न दो भागों में होते हैं।

पहला लिखित परीक्षा के रूप में जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। वह क्वेश्चन पेपर 425 अंक का 125 क्वेश्चन पूछे जाते हैं। जिसमें नेगेटिव मार्किंग बिल्कुल नहीं है।

दूसरा इंटरव्यू यानी साक्षात्कार परीक्षा यह तो आप सभी जानते होंगे दोस्तों की इंटरव्यू में क्या होता है। इंटरव्यू में आपके सिलेबस से रिलेटेड क्वेश्चन आंसर पूछे जाते हैं। और पेंटिंग वाले स्टूडेंट से ड्राइंग भी करवाई जाती है। और उनकी पिछली जितनी भी बनाई हुई पेंटिंग को एग्जामिनर को दिखाई जाती है।

दोस्तों यह फाइनल सिलेक्शन होने का लास्ट चांस होता है। जितना ज्यादा अट्रैक्टिव आपका इंटरव्यू होता है। उतने ही अच्छे नंबर आप को मिलते हैं। इंटरव्यू से ही दोस्तों आपका फाइनल सिलेक्शन होता है। तो आपको एग्जाम्स के साथ ही इंटरव्यू की भी उतनी ही तैयारी करनी होती है। जितना आप पेपर देने के लिए पढ़ते हैं।

निष्कर्ष

आज के समय में पढ़ाई तो सभी करते हैं। लेकिन बेस्ट ऑफ द बेस्ट पढ़ाई जो व्यक्ति करता है। सफलता उसी के कदम चूमती है। इसलिए पढ़ाई एक फॉर्मेलिटी ना समझ कर अपना आगे का भविष्य सोच कर पढ़ाई करें।

जब हम किसी भी कार्य को करते हैं तो उस कार्य को कुशलतापूर्वक पूर्ण रूप से पूरी करनी चाहिए। वह कला कहलाती है।

दोस्तों ऊपर दी हुई यह 2 लाइनें आपको बताने का यह मतलब है कि अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो अच्छे से मन लगाकर करिए पूरी शिद्दत से करिए। हमारा कहने का मतलब यह है कि कोई भी कार्य मुश्किल नहीं होता और कोई भी कार्य आसान भी नहीं होता। इसलिए दोस्तों गंभीरता पूर्वक अपनी सरकारी नौकरी के तैयारी करें।

हमें पूर्ण विश्वास है दोस्तों कि हमारी दी हुई जानकारी आपको अच्छे से समझ आ गई होगी। हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि आप हर एक एग्जाम्स को अच्छे से पढ़ कर पास करें और अपनी जिंदगी को सुखमय बनाएं। और अपने माता पिता का सपना पूरा करें।


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