तिरुपति बालाजी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

 

तिरुपति बालाजी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

तिरुपति बालाजी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
- तिरुपति बालाजी मंदिर को तो सभी जानते ही हैं। यह आंध्र प्रदेश के तिरुपति शहर से नो किमी की दूरी पर है। यह तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित है। वैसे तो तिरुपति बालाजी मंदिर के बारे में कई चमत्कार हुए माने जाते हैं, इस मंदिर में सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर पूर्ण हो जाती है ऐसा कहा जाता है। इस मंदिर में देश - विदेश की कहीं बड़ी-बड़ी बॉलीवुड हस्तियां,बिजनेसमैन, अमीर -गरीब लोग सब जाते हैं। तिरुपति बालाजी को गोविंदा के नाम से भी जाना जाता है। तिरुपति बालाजी मंदिर में ऐसे कई रोचक तथ्य सामने आए जिन्हें शायद आप नहीं जानते होंगे। तो तो हम आपको कुछ ऐसे तथ्य के बारे में बताते हैं-

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तिरुपति बालाजी से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

1. ज्यादातर लोग यहां पर  पैदल ही आना पसंद करते  हैं इसके लिए यहां पर दो सीढ़ी यो का रास्ता है जिनकी लंबाई 6 से 11 किलोमीटर के लगभग है तिरुमाला पहुंचकर श्रद्धालु यहां फिर आंगन में प्रवेश करते हैं बीच में वेंकटेश्वर महाद्वार पड़ता है जिसकी ऊंचाई पचास फीट है।

2. जब मंदिर में प्रवेश करते हैं तब इस मंदिर में आठ द्वार हैं  जिन से होकर जाना पड़ता है। जैसे जैसे आगे बढ़ते हैं वैसे वैसे रास्ता सकरा और छोटा होता जाता है ऐसा माना जाता है कि यह आत्मा को ईश्वर  से मिला ता हैं।

3. भक्तों को लाइनो से गुजरने के लिए इसमें 56 होल बनाए गए हैं मंदिर के दर्शन के लिए सभी भक्तों को हॉल से गुजरना होता है एक हॉल में चार सौ पचास लोगों को कतार बंद किया जा सकता है इन सारे होलो में 25000 व्यक्ति आराम से आ जाते हैं

4. मंदिर के द्वार इक्कीस घंटे ही खुले रहते हैं जिसका समय सुबह तीन बजे से रात्रि बारह बजे तक होता हैं

6 से 7 घंटे तक कतार में रहने के बाद ही वक्त दर्शन कर पाते हैं।

5. हर घंटे चार हजार के लगभग तक श्रद्धालु मंदिर के सामने से गुजरते हैं दर्शन बड़ी मुश्किल से ही मिल पाता है उनकी बड़ी मुश्किल से एक झलक दिख पाती है।

6. गर्भ ग्रह में केवल मुख्य पंडित जी ही जाते हैं, जो की संत रामानुजन आचार्य के वंशज हैं जो लगभग 11 वीं सदी से ही पूजा कर रहे हैं।

7. तिरुपति बालाजी मंदिर के आज भी रेशमी रंग में बाल हैं जो कि असली है जो कभी भी नहीं उलझते हैं।

8. मंदिर से तेईस किलोमीटर दूर एक गांव है जहां से तिरुपति बालाजी के लिए फूल आते  हैं ।उस गांव में बाहर का आदमी नहीं जा सकता क्योंकि वहां की औरतें अर्द्धवस्त्र में रहती हैं। और भी महत्वपूर्ण सामग्री उसी गांव से ही आती है।

9. मौजूदा समय में बैंक मैं जमा कैश रिजर्व हुए पैसे 12 हजार करोड़ से भी अधिक राशि निकली है।

10. इस मंदिर की धर्मशाला में शेतालिश हजार के लगभग व्यक्ति रुक सकते हैं। एक कमरे का किराया 48 से 50 हजार  के बीच में रहता है।

11. शास्त्रों के अनुसार तिरुपति बालाजी मंदिर के नेत्र हमेशा खुले रहते हैं इनमें बहुत अधिक तेज होने के कारण पाच कपूर से ढका जाता हैं, बृहस्पतिवार के दिन ही नेत्र दर्शन होते हैं।

12. तिरुपति बालाजी की फीट कितनी बार भी साफ करने पर भी हमेशा नम रहती हैं ,तथा कान लगाने पर समुद्र का उद्घोष सुनाई देता है।

13. बालाजी महाराज की मूर्ति पर  एक विशेष प्रकार की कपूर लगाई जाती हैं, अगर इस कपूर को किसी साधारण पत्थर के लगा दे तो पत्थर के टुकड़े हो जाते हैं।

14. बालाजी महाराज   को हर गुरुवार के दिन चंदन के लेप से नहलाया जाता है,क्योंकि उनके हृदय पर मां लक्ष्मी जी विराजती हैं । तब चंदन लगाने पर लक्ष्मी जी की छवि साफ दिखती हैं।

15. एक विशेष बात यह है कि बालाजी मंदिर के गर्भ गृह में एक दिया है जो वर्षों से दीप्तिमान हो रहा है, किसी को नहीं पता यह कि किसने जलाया था।

आपको पता चल गया होगा की तिरुपति बालाजी में कितनी शक्ति है, जो आज तक चली आ रही है। आपको बालाजी के बारे में जानकारी कैसी लगी , टिप्पणी करके जरूर बताएं।



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